आदरणीय समाजबंधुओं, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों,
आप सभी को सप्रेम नमस्कार।
एक प्रबंधक के रूप में मेरी यह गहन मान्यता है कि किसी भी संस्था की सफलता केवल उसकी योजनाओं या नीतियों पर नहीं, बल्कि उनके क्रियान्वयन की पारदर्शिता, निरंतरता और ज़मीनी प्रभाव पर निर्भर करती है।
आदर्श आचार्यकुलम् ट्रस्ट ने जो संकल्प लिया है – "एक शिक्षित, आत्मनिर्भर और जागरूक समाज की स्थापना" – मैं उसे हर दिन साकार करने का प्रयास करता हूँ।हमारा ट्रस्ट गांवों में जाकर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, महिला सशक्तिकरण, युवा प्रशिक्षण, और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। मेरा उत्तरदायित्व है कि सभी गतिविधियाँ समयबद्ध, समर्पित और निष्पक्ष तरीके से संचालित हों, ताकि समाज को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।
मैं यह बात गर्व से कह सकता हूँ कि हमारे कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने सीमित संसाधनों के बावजूद जो सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अत्यंत सराहनीय है।मेरी आप सभी से विनम्र अपील है कि आप इस यज्ञ में सहभागी बनें – चाहे वह समय हो, सुझाव हो, या सहयोग।आइए, हम सब मिलकर एक ऐसा भारत बनाएं – जहाँ सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना सर्वोपरि हो।आपका सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है।
आदर्श राय
प्रबंधक, आदर्श आचार्यकुलम् ट्रस्ट